जाओ और शिष्य बनाओ
मैनुएल 4: समूह के अगुवों के लिए। प्रगतिशील शिष्यता, भाग 2।
हर मैनुएल में 12 अध्याय हैं, हर लिंक एक PDF फ़ाइल का लिंक है।
पाठ
- पाठ 1अध्याय 37: आराधना – परमेश्वर की नज़दीकी व उसकी उपस्थिति का अभ्यास करना। शिक्षा: फलवन्त होना
- पाठ 2अध्याय 38: बाइबल अध्ययन – संसार में धन (1 तीमुथियुस 6:3-19)। याद करना: प्रभुता (रोमियों 12:1-2)
- पाठ 3अध्याय 39: आराधना – परमेश्वर की सुनना। शिक्षा: मसीही चरित्र, क्षमा करने वाली आत्मा
- पाठ 4अध्याय 40: बाइबल अध्ययन – संसार में परीक्षाएं (मत्ती 4:1-11)। याद करना: इनकार करना (लूका 9:23)
- पाठ 5अध्याय 41: आराधना – परमेश्वर की प्रसंशा करना। शिक्षा: माता पिता व बच्चों के बीच सम्बन्ध
- पाठ 6अध्याय 42: आराधना – परमेश्वर को धन्यवाद देना। बाइबल अध्ययन: संसार में आत्मिक युद्ध (इफिसियों 6:10-20)
- पाठ 7अध्याय 43: आराधना – परमेश्वर को धन्यवाद देना। शिक्षा: परमेश्वर की इच्छा को पहिचानना
- पाठ 8अध्याय 44: आराधना – एस्तर 6-9। बाइबल अध्ययन: संसार में कष्ट (1 पतरस 2:11-25)
- पाठ 9अध्याय 45: आराधना – परमेश्वर की महिमा के लिए जीना। शिक्षा: पवित्र आत्मा से बपतिस्मा पाना और परिपूर्ण होना
- पाठ 10अध्याय 46: बाइबल अध्ययन – संसार में आत्मा के फल (गलातियों 5:13-26)। याद करना: शिष्य बनाना (मत्ती 28:18-20)
- पाठ 11अध्याय 47: आराधना – परमेश्वर व उसकी शिक्षाओं के प्रति खुद को समर्पित करना। शिक्षा: मसीही अगुवे की विशेषताएं
- पाठ 12अध्याय 48: बाइबल अध्ययन – संसार में अगुवाई को भावी हाथों में सौंपना (प्रेरितों 20:17-38)। शिक्षा: शिष्यता से सम्बन्धित पदों का पुनरावलोकन